स्वतंत्रता (CH-2) Notes in Hindi || CBSE Board Class 11 Political Science Chapter 2 Notes in Hindi ||

In this post we have given the detailed notes of Class 11 Political Science Chapter 2 Swatantrata (Freedom) in Hindi. These notes are useful for the students who are going to appear in class 11 exams.

इस पोस्ट में क्लास 11 के राजनीति विज्ञान के पाठ 2 स्वतंत्रता (Freedom) के नोट्स दिये गए है। यह उन सभी विद्यार्थियों के लिए आवश्यक है जो इस वर्ष कक्षा 11 में है एवं राजनीति विज्ञान विषय पढ़ रहे है।

सांस्कृतिक विविधता की चुनौतियां (CH – 6) Notes in Hindi || CBSE Board Class 12 Sociology Chapter 6 in Hindi ||

पाठ – 6 सांस्कृतिक विविधता की चुनौतियां This post is about the detailed notes of class 12 Sociology Chapter 6 Saanskrtik vividhata kee chunautiyaan (The Challenges of Cultural Diversity) in Hindi for CBSE Board. It has all the notes in simple language and point to point explanation for the students having Sociology as a subject and … Read more

सामाजिक विषमता एवं बहिष्कार के स्वरूप (CH – 5) Notes in Hindi || CBSE Board Class 12 Sociology Chapter 5 in Hindi ||

पाठ – 5 सामाजिक विषमता एवं बहिष्कार के स्वरूप This post is about the detailed notes of class 12 Sociology Chapter 5 Saamaajik vishamata evan bahishkaar ke svaroop (The Market as a Social Institution) in Hindi for CBSE Board. It has all the notes in simple language and point to point explanation for the students having … Read more

बाजार एक सामाजिक संस्था के रूप में (CH – 4) Notes in Hindi || CBSE Board Class 12 Sociology Chapter 4 in Hindi ||

इसमें कक्षा 12 के अध्याय 4 बाजार एक सामाजिक संस्था के रूप में के नोट्स दिए गए हैं।
This post is about the notes of class 12 Sociology chapter 4

सामाजिक संस्थाएँ: निरंतरता एवं परिवर्तन (CH-3) Notes in Hindi || CBSE Board Class 12 Sociology Chapter 3 in Hindi ||

इसमें कक्षा 12 के अध्याय 3 सामाजिक संस्थाएँ: निरंतरता एवं परिवर्तन के नोट्स दिए गए हैं।
This post is about the notes of class 12 Sociology chapter 3

भारतीय समाज की जनसांख्यिकीय संरचना (CH-2) Notes in Hindi || CBSE Board Class 12 Sociology Chapter 2 in Hindi ||

पाठ – 2

भारतीय समाज की जनसांख्यिकीय संरचना

This post is about the detailed notes of class 12 Sociology Chapter 2 Bhaarateey samaaj kee janasaankhyikeey sanrachana (The Demographic Structure of the Indian Society) in Hindi for CBSE Board. It has all the notes in simple language and point to point explanation for the students having Sociology as a subject and studying in class 12th from CBSE Board in Hindi Medium. All the students who are going to appear in Class 12 CBSE Board exams of this year can better their preparations by studying these notes.

यह पोस्ट सीबीएसई बोर्ड के लिए हिंदी में कक्षा 12 समाजशास्त्र अध्याय 2 भारतीय समाज की जनसांख्यिकीय संरचना के विस्तृत नोट्स के बारे में है। इसमें सभी नोट्स सरल भाषा में हैं और सीबीएसई बोर्ड से हिंदी माध्यम से 12वीं कक्षा में एक विषय के रूप में समाजशास्त्र पढ़ने वाले छात्रों के लिए उपयोगी है। वे सभी छात्र जो इस वर्ष की कक्षा 12 सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं, इन नोट्स को पढ़कर अपनी तैयारी बेहतर कर सकते हैं।

BoardCBSE Board
TextbookNCERT
ClassClass 12
SubjectSociology
Chapter no.Chapter 2
Chapter Nameभारतीय समाज की जनसांख्यिकीय संरचना (The Demographic Structure of the Indian Society)
CategoryClass 12 Sociology Notes in Hindi
MediumHindi
Class 12 Sociology Chapter 2 Bharatiye samaj ki jansankhiyakiye sanrachna in Hindi
Class 12th (Sociology) Ch 2 (The Demographic Structure of the Indian Society) in Hindi | Latest Syllabus 2021 | भारतीय समाज की जनसांख्यिकीय संरचना | Book – 1 | Part – 1 |
Class 12th (Sociology) Ch 2 (The Demographic Structure of the Indian Society) in Hindi | Latest Syllabus 2021 | भारतीय समाज की जनसांख्यिकीय संरचना | Book – 1 | Part – 2|
Class 12th (Sociology) Ch 2 (The Demographic Structure of the Indian Society) in Hindi | Latest Syllabus 2021 | भारतीय समाज की जनसांख्यिकीय संरचना | Book – 1 | Part – 3 |

जनसांख्यिकी

  • जनसंख्या के सुव्यवस्थित अध्ययन को जनसंख्या की कहा जाता है
  • अंग्रेजी में इसे Demography कहा जाता है  यह दो शब्दों Demos यानी लोग एवं Graphien यानी वर्णन से मिलकर बना है
  • इस तरह से जनसांख्यिकी का अर्थ होता है लोगों का वर्णन
  • दूसरे शब्दों में एक देश की जनसंख्या का उसकी विशेषताओं जैसे कि आयु, लिंग, व्यवसाय आदि के आधार पर वर्णन करना जनसांख्यिकी कहलाता है 

जनसांख्यिकी के प्रकार

जनसांख्यिकी के मुख्य रूप से दो प्रकार हैं

आकारिक जनसांख्यिकी

  • आकारिक जनसांख्यिकी के अंतर्गत संख्या के आधार पर जनसंख्या की विशेषताओं को मापा जाता है
  • उदाहरण के लिए
    • महिलाओं की संख्या
    • पुरुषों की संख्या
    • किसी विशेष क्षेत्र में काम करने वाले लोगों की संख्या
    • देश में गरीबों की संख्या आदि 

सामाजिक जनसांख्यिकी

  • सामाजिक जनसांख्यिकी के अंतर्गत अन्य विशेषताओं के आधार पर जनसंख्या को मापा जाता है
  • उदाहरण के लिए
    • सामाजिक विशेषताएं
    • आर्थिक विशेषताएं
    • राजनीतिक विशेषताएं आदि

अशोधित जन्म दर

  • अशोधित जन्म दर का संबंध हजार स्त्रियों द्वारा जन्म दिए गए जीवित बच्चों से है
  • मान लीजिए अगर एक समय अंतराल के दौरान क्षेत्र में हजारे स्त्रियों द्वारा 20 बच्चों को जन्म दिया जाता है तो उस क्षेत्र की अशोधित जन्म दर 20 होगी

अशोधित मृत्यु दर

  • 1 वर्ष के दौरान किसी क्षेत्र में हजार लोगों पर मरने वालों की संख्या को अशोधित मृत्यु दर कहा जाता है

प्रवास

व्यक्तियों के एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने की घटना को प्रवास कहते हैं

प्रवास के प्रकार

  • स्थाई
  • अस्थाई
  • मौसम

लिंग अनुपात

  • जनसंख्या में स्त्री और पुरुषों की संख्या के बीच के अनुपात को लिंग अनुपात कहा जाता है
  • विश्व में लिंग अनुपात नापने के लिए सूत्र

 

भारत में लिंग अनुपात मापने का सूत्र

आयु संरचना

  • आयु संरचना विभिन्न आयु वर्गों में लोगों की संख्या दर्शाती है
  • यह हमें विभिन्न आयु वर्गों के अंदर देश में मौजूद लोगों की संख्या जानने में मदद करती है
  • इसमें मुख्य रूप से तीन वर्गों में बांटा जाता है
    • 0 से 15

      • यह आश्रित जनसंख्या है इसमें बच्चे शामिल होते हैं
      • क्योंकि इस उम्र के अंदर बच्चे विकास के दौर में होते हैं एवं शिक्षा प्राप्त करने में व्यस्त होते हैं इसीलिए इन्हें आश्रित कहा जाता है क्योंकि यह कार्यरत नहीं होते
      • इस वर्ग में जनसंख्या ज्यादा होने पर देश में शिक्षा सुविधाओं के खर्चे में वृद्धि होती है
    • 15 से 59

      • यह वर्ग कार्यरत जनसंख्या को दर्शाता है
      • इस वर्ग के अंदर मौजूद लगभग सभी व्यक्ति कार्यरत होते हैं एवं देश के विकास में सहयोग करते
    • 60 वर्ष से अधिक

      • इस वर्ग में जनसंख्या ज्यादा होने पर देश में विकास की गति में वृद्धि होती है
      • इसमें मुख्य रूप से वृद्ध जन संख्या होती है
      • ऐसी जनसंख्या अधिक होने की स्थिति में देश में स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं पेंशन आदि का खर्चा बढ़ता है
      • इसे भी आश्रित जनसंख्या कहा जाता है

साक्षरता

  • साक्षर उस व्यक्ति को कहा जाता है जो अपने रोजमर्रा के जीवन में एक सामान्य सरल वाक्य को समझ, पढ़ एवं लिख सके
  • साक्षरता दर के आधार पर देश की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का पता चलता है
  • अधिक साक्षरता दर का अभिप्राय उच्च सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति है जबकि इसका विपरीत निम्न साक्षरता दर निम्न सामाजिक और आर्थिक स्थिति को दिखाता है
  • इससे ही सरकार की नीतियों एवं सुविधाओं का ज्ञान भी होता है
  • भारत के अंदर 7 वर्ष से अधिक आयु वाले ऐसे व्यक्ति को साक्षर माना जाता है जो पढ़ लिख सके एवं अंकगणितीय परिकलन कर सके

शिशु मृत्यु दर

  • जीवित पैदा हुए प्रति 1000 बच्चों में से 1 साल के भीतर मौत को प्राप्त होने वाले बच्चों की संख्या शिशु मृत्यु दर कहलाती है हैं

मातृ मृत्यु दर

  • यह उन स्त्रियों की संख्या है जो जीवित प्रसूति के 1000 मामलों में अपने बच्चों को जन्म देते समय मृत्यु को प्राप्त हो जाती है

प्रजनन दर

  • बच्चा पैदा कर सकने की आयु (15 से 49 वर्ष) वाली प्रति हजार स्त्रियों द्वारा जन्म दिए गए जीवित बच्चों की संख्या प्रजनन दर कहलाती है

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